1:10 Stock Split शेयर मार्केट में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। ऑटो सेक्टर की एक नामी कंपनी ने अपने शेयरों को 1:10 स्टॉक स्प्लिट करने का फैसला लिया है। कंपनी ने पहली बार शेयर सब-डिविजन (Stock Sub-Division) की प्रक्रिया अपनाई है और इसकी रिकॉर्ड डेट भी घोषित कर दी है। यह फैसला खास तौर पर छोटे निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इससे शेयर की कीमत कम हो जाएगी और खरीदना आसान हो जाएगा।
आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि यह स्टॉक स्प्लिट क्या होता है, इसका निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा और कंपनी ने किस दिन को रिकॉर्ड डेट तय किया है।
1:10 Stock Split क्या होता है?
1:10 Stock Split स्टॉक स्प्लिट को हिंदी में शेयर विभाजन कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देती है। जैसे अगर किसी कंपनी का एक शेयर 1,000 रुपये का है और कंपनी 1:10 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट करती है, तो इसका मतलब यह होगा कि अब उस 1 शेयर की जगह 10 शेयर हो जाएंगे। हर शेयर की कीमत 100 रुपये होगी। ध्यान रहे, स्टॉक स्प्लिट में कंपनी का कुल वैल्यू (Market Capitalization) और आपके कुल निवेश की वैल्यू जैसी की तैसी रहती है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि शेयर की संख्या बढ़ जाती है और कीमत घट जाती है।
1:10 Stock Split कंपनी का फैसला
1:10 Stock Split ऑटो सेक्टर की इस कंपनी ने पहली बार अपने शेयरों को सब-डिवाइड करने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि यह कदम निवेशकों की सुविधा और शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है। 1:10 स्टॉक स्प्लिट का मतलब यह होगा कि जिन निवेशकों के पास अभी 1 शेयर है, उन्हें 10 शेयर मिल जाएंगे।
अगर किसी निवेशक के पास 50 शेयर हैं, तो स्प्लिट के बाद उनके पास 500 शेयर होंगे।
रिकॉर्ड डेट क्या है?
1:10 Stock Split रिकॉर्ड डेट वह दिन होता है जिस दिन कंपनी यह तय करती है कि किन निवेशकों को स्टॉक स्प्लिट का फायदा मिलेगा। यानी अगर आपके पास कंपनी के शेयर रिकॉर्ड डेट तक हैं, तभी आपको 1:10 अनुपात में नए शेयर मिलेंगे। कंपनी ने इसके लिए एक निश्चित तारीख घोषित की है। इस दिन तक जिन निवेशकों के पास शेयर होंगे, उन्हें स्वतः ही अतिरिक्त शेयर उनके डीमैट अकाउंट में मिल जाएंगे।
निवेशकों के लिए फायदे
- कीमत कम होगी – शेयरों की कीमत घटने के बाद छोटे निवेशक भी आसानी से इसमें पैसा लगा सकेंगे।
- लिक्विडिटी बढ़ेगी – जब शेयरों की संख्या बढ़ेगी तो बाजार में शेयरों की खरीद-फरोख्त आसान हो जाएगी।
- बड़े निवेशक आकर्षित होंगे – कम दाम होने की वजह से ज्यादा निवेशक कंपनी के शेयर खरीद पाएंगे।
- निवेश का मौका – शेयर सस्ता होने से नए निवेशक भी कंपनी में एंट्री कर पाएंगे।
ध्यान देने वाली बातें
- स्टॉक स्प्लिट से आपके निवेश का कुल मूल्य (Value) नहीं बदलता।
- अगर आपके पास 10,000 रुपये के शेयर हैं, तो स्प्लिट के बाद भी उनकी कीमत वही रहेगी।
- फर्क सिर्फ इतना होगा कि आपके शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी और प्रति शेयर का दाम कम हो जाएगा।
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह कदम सकारात्मक हो सकता है क्योंकि इससे कंपनी के शेयर ज्यादा लोगों की पहुंच में आ जाते हैं।
1:10 Stock Split क्यों किया जाता है स्टॉक स्प्लिट?
कंपनियां अक्सर स्टॉक स्प्लिट इसलिए करती हैं ताकि:
- शेयर छोटे निवेशकों के लिए भी सुलभ हो जाएं।
- बाजार में शेयरों की डिमांड बढ़े।
- कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम (Volume) ज्यादा हो।
- निवेशकों का भरोसा बढ़े।
निष्कर्ष
1:10 Stock Split की इस कंपनी का पहला 1:10 स्टॉक स्प्लिट निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है। इससे न सिर्फ छोटे निवेशकों के लिए शेयर खरीदना आसान हो जाएगा, बल्कि कंपनी को भी फायदा होगा क्योंकि उसके शेयरों की मांग और लिक्विडिटी बाजार में बढ़ जाएगी। जो निवेशक पहले से कंपनी में पैसा लगाए हुए हैं, उन्हें इससे कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि अब उनके पास शेयरों की संख्या ज्यादा हो जाएगी। अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो रिकॉर्ड डेट से पहले इस कंपनी के शेयर जरूर ध्यान से देखें।